मुंबई में 2 बीएचके पाने के लिए 12 साल तक बिना खर्च किए बचत करना पड़ रहा है!
मुख्य बातें
- •मुंबई में 2 बीएचके फ्लैट खरीदने के लिए 12 साल तक पूरी सैलरी बचानी पड़ सकती है।
- •₹3 लाख मासिक आय वाले व्यक्ति भी घर खरीदने में असमर्थ हैं।
- •जमीन की कमी, निर्माण लागत में वृद्धि और मांग-आपूर्ति में असंतुलन मुख्य कारण हैं।
- •सरकारी योजनाओं का लाभ भी आम लोगों तक ठीक से नहीं पहुंच रहा है।
- •विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को आवास नीति में सुधार करना चाहिए।
मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी होने के बावजूद अब घर खरीदना आम आदमी के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में 2 बीएचके फ्लैट खरीदने के लिए अब 12 साल तक बिना किसी खर्च के पूरी सैलरी बचानी पड़ सकती है। यह स्थिति उन लोगों के लिए और भी चिंताजनक है, जो ₹3 लाख प्रति माह कमा रहे हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई में आवास की कीमतें इतनी अधिक हो गई हैं कि मध्यम वर्ग के लोगों के लिए अपना घर खरीदना लगभग असंभव हो गया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में घर की औसत कीमत अब इतनी बढ़ गई है कि एक व्यक्ति को अपनी पूरी आय को बचाकर रखना पड़ रहा है, ताकि वह भविष्य में घर खरीद सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल मुंबई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों में भी आवास की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे जमीन की कमी, निर्माण लागत में वृद्धि और मांग-आपूर्ति में असंतुलन।
