कर्नाटक के 39 वर्षीय रणजी क्रिकेटर का हार्ट अटैक से निधन: क्या फिट और युवा एथलीट भी हैं जोखिम में?

मुख्य बातें
- •कर्नाटक के 39 वर्षीय रणजी क्रिकेटर विनय कुमार का दिल के दौरे से निधन हो गया।
- •विशेषज्ञों का मानना है कि फिट और युवा एथलीट भी हृदय रोगों के जोखिम से सुरक्षित नहीं हैं।
- •एलपी(ए) टेस्ट और जेनेटिक कारकों को हृदय रोगों के जोखिम का पता लगाने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
- •नियमित हृदय संबंधी स्वास्थ्य जांच और फिटनेस के बावजूद हृदय रोगों का खतरा बना रहता है।
कर्नाटक के 39 वर्षीय रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर विनय कुमार (Vinay Kumar) का हाल ही में दिल के दौरे से निधन हो गया है। कुमार, जो कर्नाटक टीम के अनुभवी गेंदबाज और बल्लेबाज थे, अपने घर पर अचानक बेहोश हो गए और उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मृत्यु ने पूरे खेल जगत को झकझोर दिया है और एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: क्या फिट, युवा और सक्रिय एथलीट भी हृदय रोग के जोखिम से सुरक्षित नहीं हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोगों का खतरा केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है। खेल जगत में कई बार देखा गया है कि फिटनेस के उच्च स्तर के बावजूद एथलीट हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण आनुवंशिक कारक, साइलेंट हार्ट डिजीज (Silent Heart Disease) और एलपी(ए) (Lp(a)) नामक रक्त परीक्षण में आने वाला एक विशेष प्रोटीन हो सकता है। एलपी(ए) एक प्रकार का कोलेस्ट्रॉल है, जिसका उच्च स्तर हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नियमित एलपी(ए) टेस्ट कराने से इस जोखिम का समय रहते पता लगाया जा सकता है।






