अधिक मास 2024: पितृ दोष से मुक्ति के लिए अपनाएं ये विशेष उपाय, जानिए तिथि, महत्व और लाभ

मुख्य बातें
- •अधिक मास 17 मई से 15 जून 2024 तक रहेगा, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास कहा जाता है।
- •इस माह में पितरों की तृप्ति और पितृ दोष मुक्ति के लिए तर्पण, पिंडदान और पीपल के वृक्ष पर दीप जलाने जैसे उपाय किए जाते हैं।
- •श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ और जरूरतमंदों को फल, अन्न व जल का दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- •पशु-पक्षियों, विशेष रूप से कौवे और गाय को अन्न दान करने से पितरों तक संदेश पहुंचता है और जीवन की समस्याओं का अंत होता है।
- •अधिक मास में शुभ कार्य नहीं किए जाते; यह समय तप, साधना और आत्मिक विकास का होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिक मास 17 मई 2024 से आरंभ होकर 15 जून 2024 तक रहेगा। इस अवधि को पुरुषोत्तम मास या मलमास के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास के दौरान किए गए धार्मिक कर्मों का विशेष महत्व होता है। इस महीने में शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या मुंडन संस्कार नहीं किए जाते, क्योंकि यह समय तप, साधना और आत्मिक विकास का होता है।
अधिक मास को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है। इस दौरान पितरों की तृप्ति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए कई विशेष उपाय बताए गए हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अधिक मास प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार आता है। इस साल यह माह 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा, जिसके दौरान भगवान विष्णु की पूजा, स्नान और दान को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
