अधिक मास की भानु सप्तमी 2026: सूर्य देव की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर, जानिए पूजा विधि, मंत्र और उपाय

मुख्य बातें
- •अधिक मास की भानु सप्तमी 7 जून, 2026 को मनाई जाएगी।
- •सूर्य देव की पूजा से रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और जीवन में सुख-शांति रहती है।
- •पूजा विधि में स्नान, अर्घ्य, "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ शामिल हैं।
- •इस दिन व्रत रखने, नमक न खाने और दान करने का विशेष महत्व है।
- •अधिक मास में आने के कारण इस बार का महत्व तीन साल बाद पुनः आया दुर्लभ संयोग है।
सनातन धर्म में सूर्य देव से संबंधित पर्वों का विशेष महत्व माना जाता है। इसी क्रम में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास/मलमास) के दौरान पड़ने वाली भानु सप्तमी का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सूर्य देव अपने रथ पर सवार होकर धरती पर अवतरित हुए थे, जिसके कारण इस तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बड़ा महत्व है। इस वर्ष अधिक मास की भानु सप्तमी 7 जून, 2026 (रविवार) को मनाई जाएगी।
####अधिक मास का महत्व अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीन वर्ष में एक बार आता है। इस माह में पड़ने वाले सभी व्रत, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठान सामान्य मास की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी माने जाते हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास में किए गए प्रयासों से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति और जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। इसी कारण भानु सप्तमी जैसे पर्वों का महत्व और भी बढ़ जाता है।






