भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ा! ईवी बिक्री में रचा इतिहास, इलेक्ट्रिक कार मार्केट में दर्ज हुई नई ऊंचाई

मुख्य बातें
- •की पहली छमाही में भारत ने ईवी बिक्री में अमेरिका को पीछे छोड़ा, जिससे वैश्विक ईवी बाजार में अपनी प्रमुख भूमिका साबित की।
- •सरकार की 'फेम इंडिया' योजना और राज्य नीतियों के कारण ईवी की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ।
- •दोपहिया और तिपहिया ईवी की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे पर्यावरण और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिल रहा है।
- •सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश में बेचे जाने वाले 30 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक हों, और इस दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।
- •तकनीकी नवाचार, सरकारी समर्थन, और जनता की बढ़ती जागरूकता ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
2024 की पहली छमाही में भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री में अमेरिका को पीछे छोड़कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि देश के साफ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की गवाही देती है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में ईवी की बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देश वैश्विक ईवी बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा है।
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी के कारण ईवी की मांग में तेजी आई है। 'फेम इंडिया' योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी और राज्य सरकारों द्वारा लागू की गई नीतियों ने ईवी खरीद को और अधिक आकर्षक बना दिया है। इसके अलावा, देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने भी उपभोक्ताओं के मन में ईवी को लेकर विश्वास जगाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि आने वाले वर्षों में और भी तेज होगी, जिससे भारत वैश्विक ईवी बाजार में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
