महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: गैर-मराठी रिक्शा चालकों को सीखनी होगी मराठी, 15 अगस्त तक होगी क्लास
मुख्य बातें
- •महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य कर दिया है।
- •रिक्शा चालकों को 15 अगस्त, 2024 तक मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान हासिल करना होगा।
- •सरकार ने 4,500 शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो रिक्शा चालकों को मराठी सिखाएंगे।
- •इस आदेश का पालन न करने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- •महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले का राज्य भर में विभिन्न वर्गों द्वारा स्वागत किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के गैर-मराठी रिक्शा चालकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब उन्हें महाराष्ट्र की आधिकारिक भाषा मराठी सीखना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह निर्णय राज्य के विभिन्न हिस्सों में रिक्शा चालकों द्वारा मराठी भाषा में संवाद करने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए लिया है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गैर-मराठी रिक्शा चालकों को 15 अगस्त, 2024 तक मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान हासिल करना होगा। इसके लिए सरकार ने 4,500 शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो रिक्शा चालकों को मराठी सिखाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य भर के रिक्शा चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे स्थानीय भाषा में प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।
इस आदेश का पालन न करने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन रिक्शा चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान नहीं होगा, उन्हें रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य में सार्वजनिक परिवहन के दौरान भाषा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।




