ज्येष्ठ माह का चौथा बड़ा मंगल 2026: जानिए क्यों है यह दिन इतना खास, किन गलतियों से बचें

मुख्य बातें
- •ज्येष्ठ माह का चौथा बड़ा मंगल 2026 में दुर्लभ संयोग के साथ आ रहा है, जिसमें भगवान हनुमान और विष्णु जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
- •इस दिन तामसिक भोजन, क्रोध, अपमान और झूठ से बचना चाहिए, जबकि दान-पुण्य और शुद्ध आचरण का विशेष महत्व है।
- •हनुमान जी की पूजा में तुलसी वर्जित है, जबकि विष्णु जी को तुलसी अवश्य अर्पित करें।
- •सुबह स्नान के बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है।
- •मंदिर में प्रसाद बांटना, गरीबों को भोजन कराना और नियमों का पालन करना इस दिन के प्रमुख शुभ कार्य हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में यह चौथा बड़ा मंगल अत्यंत दुर्लभ खगोलीय संयोग लेकर आ रहा है। इस बार बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान जी के साथ-साथ भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी महापर्व माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई छोटी-सी गलती भी भक्तों के लिए अशुभ फल दे सकती है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
बड़े मंगल और एकादशी दोनों ही पवित्र दिन माने जाते हैं। इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन करना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इनका सेवन करने से पूजा और व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। इसके अलावा क्रोध करना, अपशब्द बोलना या मन में द्वेष रखना भी अशुभ माना जाता है। भगवान हनुमान शांति, सेवा और भक्ति के प्रतीक हैं, इसलिए इस दिन शांत और सकारात्मक रहने का प्रयास करना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद का अपमान करना भी इस दिन वर्जित है। बड़े मंगल पर दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र या जल का दान अवश्य करें।
