गुजरात के सूरत से लौट रहे प्रवासी मजदूर, खाने-पीने और रोजगार के हालात से तंग
मुख्य बातें
- •गुजरात के सूरत से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट रहे हैं।
- •रोजगार के अवसरों की कमी और रहने की मुश्किलें मजदूरों के लिए असहनीय हो गई हैं।
- •एक मजदूर ने कहा, "बिना खाए पिए, घंटों लाइन में लगे रहे... अब नहीं आएंगे।"
- •कपड़ा उद्योग में मंदी और उत्पादन में कटौती के कारण मजदूरों की नौकरियां जा रही हैं।
गुजरात के प्रमुख औद्योगिक शहर सूरत से प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इसका मुख्य कारण शहर में रोजगार के अवसरों की कमी और रहने की मुश्किलें हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मजदूर बिना खाए-पिए घंटों लाइन में लगने के बाद भी काम नहीं मिलने से निराश हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब वे वापस यूपी, बिहार जैसे राज्यों में लौटने को मजबूर हैं।
स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रवासी मजदूरों के वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जिनमें वे अपने घर लौटने की बात कह रहे हैं। एक वीडियो में एक मजदूर कहता है, "बिना खाए पिए, घंटों लाइन में लगे रहे... अब नहीं आएंगे... बता देना।" इससे स्पष्ट होता है कि उनकी स्थिति कितनी खराब हो चुकी है।
सूरत, जिसे देश के सबसे बड़े कपड़ा उद्योग केंद्रों में से एक माना जाता है, में कोविड-19 महामारी के बाद से ही रोजगार के हालात खराब चल रहे हैं। हाल ही में आई रिपोर्टों के अनुसार, कपड़ा मिलों और अन्य उद्योगों में मजदूरों की संख्या में भारी कमी आई है। कई मालिकों ने उत्पादन में कटौती की है, जिससे मजदूरों की नौकरियां जा रही हैं। इसके अलावा, किराया और रहने के खर्च में भी वृद्धि हुई है, जिससे मजदूरों को शहर में रहना मुश्किल हो रहा है।
