बेंगलुरु के क्रिपानिधि कॉलेज में सीईटी परीक्षा के दौरान 5 ब्राह्मण छात्रों से उतारे गए जनेऊ, विवाद बढ़ा
मुख्य बातें
- •बेंगलुरु के क्रिपानिधि कॉलेज में सीईटी परीक्षा के दौरान पांच ब्राह्मण छात्रों से जनेऊ उतारने का आरोप।
- •कॉलेज प्रशासन ने घटना की निष्पक्ष जांच की घोषणा की, जबकि ब्राह्मण समाज ने कड़ी निंदा की।
- •पुलिस और उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की, जल्द समाधान की मांग।
- •घटना ने शिक्षा जगत में धार्मिक सहिष्णुता और समानता पर बहस शुरू की।
- •परिवारों ने आरोप लगाया कि कॉलेज ने धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया है।
बेंगलुरु स्थित क्रिपानिधि कॉलेज में गुरुवार को आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के दौरान एक विवादास्पद घटना सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में उपस्थित पांच ब्राह्मण समुदाय के छात्रों से उनके धार्मिक प्रतीक जनेऊ उतारने के लिए कहा गया। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर हंगामा खड़ा कर दिया है और विभिन्न समुदायों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कॉलेज प्रबंधन ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे किसी भी प्रकार के धार्मिक भेदभाव के खिलाफ हैं और इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे घटना स्थल का दौरा कर चुके हैं और परिस्थितियों की गहन जांच कर रहे हैं। वहीं, छात्रों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन ने धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया है और इस मामले को तुरंत सुलझाने की मांग की है।
