गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव प्रचार के दौरान खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन, राजनीति पर उठे सवाल
मुख्य बातें
- •गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून 2026 को विधानसभा चुनाव होंगे, जिसमें 24 सीटों के लिए 403 उम्मीदवार मैदान में हैं।
- •चुनाव प्रचार के दौरान JUI नेता मामा सिकंदर रहमत खान के स्वागत में हथियारबंद लोगों ने खुलेआम हवाई फायरिंग की, जिससे राजनीति में हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठे।
- •क्षेत्र में 33 राजनीतिक दलों सहित प्रमुख पाकिस्तानी दलों की शाखाएं सक्रिय हैं, जिनमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ शामिल हैं।
- •विधानसभा में 24 प्रत्यक्ष निर्वाचित, 6 महिलाओं के लिए आरक्षित और 3 तकनीकी विशेषज्ञों के लिए सीटें हैं, जबकि मतदाताओं की संख्या 963,000 से अधिक है।
गिलगित-बाल्टिस्तान में आम चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान हुए एक घटनाक्रम ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है। शनिवार को जमियत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के नेता मामा सिकंदर रहमत खान के स्वागत में हथियारबंद लोगों ने खुलेआम मशीन गन और AK-47 राइफलों से हवाई फायरिंग की। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पाकिस्तान में राजनीति में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। JUI पर आरोप लग रहे हैं कि वह चुनाव में हथियारबंद समूहों के समर्थन के साथ मैदान में उतरी है।
गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए 7 जून 2026 को मतदान होगा। इस चुनाव में कुल 24 सीटों के लिए 403 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान अविभाजित जम्मू और कश्मीर राज्य का हिस्सा रहा एक पहाड़ी क्षेत्र है, जिसे संवैधानिक अस्पष्टता और रणनीतिक महत्व के कारण विशेष ध्यान दिया जाता है। क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं, क्योंकि पाकिस्तान सरकार ने 11 अप्रैल 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त राजा शाहबाज खान द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से चुनाव की तारीख की घोषणा की थी।
