भंडारा में 60 साल बाद भी नहीं हुआ सिटी सर्वेक्षण, नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा असर
मुख्य बातें
- •भंडारा शहर में 60 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ सिटी सर्वेक्षण
- •देरी के कारण शहर में बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रभावित
- •सड़कों, पानी, सीवरेज और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं में समस्याएं
- •नगर निगम अधिकारियों ने धन और संसाधनों की कमी को बताया मुख्य कारण
- •स्थानीय राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सरकार से अपील
महाराष्ट्र के भंडारा शहर में नागरिक सुविधाओं के उन्नयन के लिए जरूरी सिटी सर्वेक्षण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। लगभग 60 साल पहले शुरू हुए इस सर्वेक्षण को आज तक पूरा नहीं किया जा सका है। अधिकारियों का कहना है कि इस देरी के कारण शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आ रही है। सिटी सर्वेक्षण के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों की विस्तृत योजना बनाई जाती है, जिसमें सड़कों, पानी, सीवरेज, और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास शामिल होता है।
स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों का कहना है कि इस देरी के कारण शहर में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उदाहरण के लिए, शहर के कुछ क्षेत्रों में अभी भी पुरानी और टूटी-फूटी सड़कें हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में पानी की कमी बनी हुई है। इसके अलावा, सीवरेज सिस्टम भी अपर्याप्त है, जिससे जल भराव और गंदगी की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि सिटी सर्वेक्षण के लिए आवश्यक धन और संसाधनों की कमी मुख्य कारण है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी इस कार्य में बाधा बन रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से चर्चा की गई है और जल्द से जल्द सर्वेक्षण पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।




