भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी में नया मोड़: समुद्री सुरक्षा और उभरती तकनीकों पर होगा गहरा सहयोग

मुख्य बातें
- •भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने के लिए नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
- •समुद्री सुरक्षा, उभरती तकनीकों जैसे AI, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
- •दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने क्वाड से आगे बढ़कर रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने का निर्णय लिया।
- •सैन्य अभ्यासों की संख्या और गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ रक्षा उद्योगों के बीच निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
- •विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
नयी दिल्ली, दिनांक: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत दोनों देश समुद्री सुरक्षा से लेकर उभरती हुई तकनीकों तक के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्लेस के बीच हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अब क्वाड की सीमाओं से आगे बढ़ते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
इस बैठक के दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों ने पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। विशेष रूप से, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के बीच तालमेल बढ़ाने पर बातचीत हुई। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।






