विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज लगने से 7 जून से छोटे वाहनों का होगा परिचालन

मुख्य बातें
- •विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज लगने से 7 जून से छोटे वाहनों का वन-वे परिचालन शुरू होगा।
- •BRO की टीम ने तीन बेली ब्रिजों में से एक का निर्माण पूरा किया, जबकि दूसरे का काम तीन दिन में पूरा होगा।
- •पुल के क्षतिग्रस्त स्पैन पर बेली ब्रिज लगाने का निर्णय पुल की लाइफलाइन को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया था।
- •बेली ब्रिज 24 टन भार सहन कर सकते हैं, लेकिन ये सिंगल लेन ब्रिज हैं, जिसमें एक बार में केवल एक गाड़ी चल सकेगी।
- •अधिकारियों का कहना है कि बेली ब्रिजों के चालू होने से भागलपुर और आसपास के जिलों के बीच आवागमन सुगम होगा।
भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर बेली ब्रिज लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके बाद, 7 जून से छोटे वाहनों के लिए वन-वे परिचालन शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस काम में BRO और जिला प्रशासन तेजी से लगे हुए हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिचालन शुरू किया जा सके।
BRO की टीम ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज लगाने के साथ-साथ नवगछिया और भागलपुर की ओर से दो अन्य स्पैन पर भी बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। नवगछिया की ओर से 12 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त स्पैन पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज तैयार कर लिया गया है, जबकि भागलपुर की ओर से 24 मीटर लंबे स्पैन पर तीसरा बेली ब्रिज लगाया जाएगा। BRO के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विपिन कुमार चंद ने बताया कि तीन बेली ब्रिजों में से एक का निर्माण पूरा हो चुका है और उसकी डेकिंग भी कर दी गई है। दूसरे बेली ब्रिज की लॉन्चिंग भी हो चुकी है, लेकिन उसकी डेकिंग और फिनिशिंग का काम अभी तीन दिन में पूरा किया जाएगा। इसके बाद तीसरे बेली ब्रिज की लॉन्चिंग की तैयारी शुरू की जाएगी।
