भीषण गर्मी के कारण पशुओं पर संकट, दूध उत्पादन में 10-15% तक गिरावट
मुख्य बातें
- •भीषण गर्मी और लू के कारण पशुओं की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन में 10-15% तक गिरावट आई है।
- •राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में दूध उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है।
- •पशुपालकों को पशुओं को ठंडे स्थानों पर रखने और पर्याप्त पानी-चारे की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
- •सरकार ने राज्यों को पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस साल भीषण गर्मी और लू के कारण देश के कई हिस्सों में पशुओं पर संकट गहरा गया है। अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन में कमी आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के कारण पशुओं की भूख कम हो जाती है, जिससे उनका दूध उत्पादन प्रभावित होता है। इस स्थिति से निपटने के लिए पशुपालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में दूध उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं में जलन, बुखार और डीहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे पशुओं की मृत्यु दर में भी वृद्धि हुई है, जो पशुपालकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक पशुपालक रमेश शर्मा ने बताया कि उनके पशुओं का दूध उत्पादन सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम हो गया है। उन्होंने कहा, "गर्मी के कारण पशु चारा कम खा रहे हैं और पानी पीने में भी दिक्कत हो रही है। इससे उनका दूध उत्पादन प्रभावित हो रहा है।" पशुपालकों का कहना है कि सरकार को इस स्थिति से निपटने के लिए पशुओं के लिए ठंडे स्थानों की व्यवस्था करनी चाहिए।
