बिहार के शुभम ने जेईई में रचा इतिहास, ब्राह्मणी घाट से निकला था चमकता सितारा
मुख्य बातें
- •शुभम कुमार ने जेईई मेन्स 2024 में 100 परसेंटाइल हासिल कर इतिहास रचा है।
- •उनका जन्म बिहार के बेगूसराय जिले के ब्राह्मणी घाट गांव में हुआ था।
- •उनके पिता किसान और माता गृहिणी हैं, जिन्होंने उनकी पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया।
- •मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने उनकी सराहना की है।
बिहार के ब्राह्मणी घाट से निकलकर शुभम कुमार ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे राज्य का मान भी बढ़ाया है। उन्होंने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन्स 2024 में 100 परसेंटाइल हासिल कर देश भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शुभम की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का सहयोग लिया और कड़ी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंचे।
शुभम मूल रूप से बेगूसराय जिले के ब्राह्मणी घाट गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता रविकांत सिंह एक छोटे किसान हैं, जबकि माता सीमा देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन शुभम के पिता ने हमेशा उनकी पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। शुभम ने अपने गांव के सरकारी विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर बेहतर कोचिंग के लिए पटना चले गए। वहां उन्होंने प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लिया और अपनी तैयारी को और मजबूत बनाया।
जेईई मेन्स 2024 के परिणाम में शुभम के 100 परसेंटाइल ने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने न केवल पेपर-1 में बल्कि पेपर-2 में भी शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में सीट हासिल करने का रास्ता भी साफ कर दिया है। शुभम का कहना है कि उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और शिक्षकों को जाता है, जिन्होंने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया।




