अनफ़िल्टर्ड पानी से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम: लखनऊ के लोहिया संस्थान की चौंकाने वाली रिसर्च
मुख्य बातें
- •लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान ने बिना फिल्टर पानी पीने से स्वास्थ्य जोखिम पर चौंकाने वाली रिसर्च जारी की।
- •शोध में पाया गया कि प्रदूषित पानी में आर्सेनिक, सीसा और अन्य जहरीले तत्व सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक थे।
- •अध्ययन के अनुसार, बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर जल जनित बीमारियों का जोखिम सबसे अधिक होता है।
- •संस्थान ने सरकार और लोगों से जल शोधन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने और फिल्टर पानी पीने की अपील की।
लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान (आरएमएलआई) द्वारा किए गए एक नवीनतम शोध में पाया गया है कि बिना किसी फिल्टरेशन प्रक्रिया से गुजरे पानी का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। यह अध्ययन विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए चेतावनीपूर्ण है जहां पीने के पानी की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी नहीं होती। शोधकर्ताओं ने बताया कि प्रदूषित पानी में मौजूद रसायन, बैक्टीरिया और भारी धातुएं लंबे समय तक सेवन करने पर गुर्दे की बीमारियों, लीवर संबंधी समस्याओं और यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि शोध के दौरान विभिन्न जल स्रोतों से एकत्र किए गए नमूनों में उच्च स्तर के आर्सेनिक, सीसा और अन्य जहरीले तत्व पाए गए। उन्होंने कहा कि इन तत्वों की मात्रा सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक थी, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त, शोध में यह भी पाया गया कि बिना फिल्टर पानी पीने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर सबसे अधिक जोखिम रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
