लखनऊ: लोहिया संस्थान के अध्ययन में सामने आया बिना फिल्टर पानी पीने का बड़ा खतरा
मुख्य बातें
- •लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में बिना फिल्टर पानी पीने के गंभीर स्वास्थ्य जोखिम सामने आए हैं।
- •शोध में पीने के पानी में सीसा, आर्सेनिक, नाइट्रेट और ई. कोलाई जैसे हानिकारक तत्वों की उच्च मात्रा पाई गई है।
- •% पानी के नमूनों में मानक सीमा से अधिक प्रदूषक पाए गए, जो कैंसर और गुर्दे की बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
- •ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण अधिक पाया गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका जल आपूर्ति में अन्य प्रदूषकों की मौजूदगी चिंता का विषय है।
लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) द्वारा हाल ही में किए गए एक व्यापक शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अध्ययन के अनुसार, बिना उचित फिल्टर किए हुए पीने के पानी का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने विभिन्न जल स्रोतों से नमूने एकत्र कर उनकी जांच की, जिसमें हैरान करने वाले परिणाम सामने आए।
अध्ययन में शामिल टीम ने बताया कि पीने के पानी में मौजूद भारी धातुओं, बैक्टीरिया, रसायनों और अन्य प्रदूषकों की उपस्थिति चिंताजनक स्तर पर पाई गई है। विशेष रूप से, सीसा, आर्सेनिक, नाइट्रेट और ई. कोलाई जैसे हानिकारक तत्वों की मात्रा अधिक पाई गई, जो लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर, गुर्दे की बीमारियां, मस्तिष्क संबंधी विकार और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। शोध के प्रमुख डॉ. आर. पी. सिंह ने बताया, "हमारे अध्ययन में शामिल 65% पानी के नमूनों में मानक सीमा से अधिक प्रदूषक पाए गए। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।"
