पश्चिम बंगाल में बकरीद: 107 सालों के इतिहास में पहली बार नहीं हुई रेड रोड पर नमाज

मुख्य बातें
- •पश्चिम बंगाल में बकरीद के अवसर पर पहली बार रेड रोड सहित किसी भी सार्वजनिक सड़क पर नमाज अदा नहीं की गई।
- •राज्य सरकार ने पहले ही आदेश जारी कर यह सुनिश्चित किया कि राज्य में किसी भी सड़क पर नमाज न हो।
- •राज्य भर में बकरीद की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई, जिससे धार्मिक सद्भावना बरकरार रही।
- •सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में शांति और व्यवस्था बनी रही और किसी प्रकार की हिंसा या विवाद की घटना सामने नहीं आई।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल – पश्चिम बंगाल में इस वर्ष बकरीद के पर्व को लेकर राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए प्रतिबंधों के कारण 107 वर्षों के इतिहास में पहली बार रेड रोड पर नमाज अदा नहीं की गई। राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में गृह एवं पार्वण विभाग के मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले ही आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि राज्य में किसी भी सार्वजनिक सड़क पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया था कि वे सुनिश्चित करें कि बकरीद के दिन किसी भी सड़क पर नमाज न हो।
इस निर्णय के बाद राज्य भर में बकरीद की नमाज मस्जिदों, ईदगाहों और अन्य धार्मिक स्थलों पर ही अदा की गई। कोलकाता के रेड रोड, जोकि ऐतिहासिक महत्व का स्थान है और जहां पिछले कई दशकों से बकरीद की नमाज अदा की जाती रही है, इस बार वहां नमाज नहीं हुई। राज्य सरकार के इस कदम को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने अपने-अपने दृष्टिकोण व्यक्त किए। हालांकि, सरकार का तर्क था कि सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को नियंत्रित करना आवश्यक है ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।






