मुस्लिम संगठन ने गाय की कुर्बानी से बचने की अपील की, कानून और शांति का पालन करें
मुख्य बातें
- •मुस्लिम संगठन ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड (AIPUB) ने गाय की कुर्बानी से बचने की अपील की।
- •AIPUB के प्रमुख मौलाना डॉ. उबैदुल्लाह कासमी ने कहा कि जहां तनाव की संभावना हो वहां अन्य वैध जानवरों की कुर्बानी दी जा सकती है।
- •उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना और दूसरे जानवर की कुर्बानी देना ज्यादा सही और समझदारी का निर्णय माना जाएगा।
- •मौलाना कासमी ने समुदाय के लोगों से अपील की कि गाय की कुर्बानी न करें और कानून और शांति का पालन करें।
- •उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, समझदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा देता है।
देशभर में मुस्लिम समुदाय के लोग बकरीद के त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी की जा रही है, लेकिन कई जगहों पर गाय की भी कुर्बानी खबर सामने आती है, जिसके कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है और तनाव बढ़ जाता है। इस बीच, ईद-उल-अजहा से पहले मुस्लिम संगठन ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड (AIPUB) का बयान सामने आया है।
AIPUB के प्रमुख मौलाना डॉ. उबैदुल्लाह कासमी ने रविवार (24 मई) को पशुओं की कुर्बानी देने के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि इस्लाम में कुर्बानी इबादत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शरीयत में गाय उन जानवरों में शामिल है जिनकी कुर्बानी दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर किसी क्षेत्र में सरकार की तरफ से कानूनी रोक हो या फिर ऐसी कुर्बानी से सांप्रदायिक तनाव, हिंसा, दंगे या मुस्लिम समुदाय की जान-माल को खतरा पैदा होने की आशंका हो तो कानून का पालन करना और दूसरे जानवर की कुर्बानी देना ज्यादा सही और समझदारी का निर्णय माना जाएगा।
