बंगाल में बंद पड़ी 61 रेलवे परियोजनाओं को मिलेगी तेज गति से गति, केंद्र सरकार ने किया बड़ा फैसला
मुख्य बातें
- •केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में 61 रेलवे परियोजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है, जिनमें कुल 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है।
- •इन परियोजनाओं के पीछे प्रमुख कारण भूमि अधिग्रहण में देरी, पर्यावरणीय मंजूरी में विलंब, और स्थानीय विरोध जैसे मुद्दे थे।
- •रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्चस्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- •इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य के आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी।
- •पश्चिम बंगाल के रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर होगा।
नई दिल्ली, दिनांक: [अद्यतन दिनांक डालें] – केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल राज्य में लंबे समय से रुकी पड़ी 61 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को पुनः शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं में कुल 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है। सूत्रों के अनुसार, इन परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्रीय रेल मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में कई रेलवे परियोजनाएं विभिन्न कारणों से लंबे समय से अधूरी पड़ी थीं। इनमें भूमि अधिग्रहण में देरी, पर्यावरणीय मंजूरी में विलंब, और स्थानीय विरोध जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। विशेष रूप से, राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए शुरू की गई इन परियोजनाओं का लक्ष्य यात्रियों और माल ढुलाई की सुविधा में काफी सुधार लाना था। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, मौजूदा लाइनों का विद्युतीकरण, और रेलवे स्टेशनों का उन्नयन शामिल है।
