बिहार: ग्राम कचहरियों में न्याय प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर सरकार ने जारी किए कड़े निर्देश
मुख्य बातें
- •बिहार सरकार ने ग्राम कचहरियों में न्याय प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- •ग्राम कचहरियों में लंबित मामलों की संख्या में वृद्धि और विलंब की शिकायतों के बाद सरकार ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया।
- •ग्राम कचहरियों में नियमित बैठकें और लंबित मामलों की समीक्षा के साथ-साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- •सरकार ने ग्राम कचहरियों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है ताकि मामलों का रिकॉर्ड रखने और निगरानी में आसानी हो।
- •इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर न्याय दिलाना और न्यायालयों के चक्कर काटने से बचाना है।
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने वाली ग्राम कचहरियों में मामलों का निपटारा धीमी गति से हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में कड़े निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, ग्राम कचहरियों में लंबित मामलों की संख्या में वृद्धि और न्याय प्रक्रिया में विलंब की शिकायतें आम हो गई थीं। सरकार ने अब इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए ग्राम कचहरियों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाने का निर्णय लिया है।
बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव ने बताया कि ग्राम कचहरियों में न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम कचहरियों में नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएंगी और लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, न्यायाधीशों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि वे कानूनी प्रक्रियाओं को और अधिक कुशलता से पूरा कर सकें।
