दो साल से चार कमरों में चल रहे तीन स्कूल, बच्चों को देना पड़ रहा बरामदे में क्लास
मुख्य बातें
- •उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल में तीन स्कूल चार कमरों में चल रहे हैं।
- •बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, यह स्थिति दो साल से जारी है।
- •एक प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक और एक माध्यमिक स्कूल के लिए केवल चार कमरे उपलब्ध हैं।
- •अधिकारियों का कहना है कि धन की कमी और प्रशासनिक अनिच्छा इसके मुख्य कारण हैं।
उत्तर प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा की बदहाली का चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां सिर्फ चार कमरों वाले भवन में तीन अलग-अलग स्कूल चलाए जा रहे हैं। इस भीड़भाड़ के कारण बच्चों को बरामदे में बैठकर कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं। यह स्थिति कम से कम दो साल से बरकरार है, जिसके कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह स्कूल उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के एक ब्लॉक में स्थित है। यहां एक प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक और एक माध्यमिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है। तीनों स्कूलों के लिए कुल मिलाकर केवल चार कमरे उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता इससे कई गुना अधिक है। इस कमी के कारण शिक्षकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के लिए अलग-अलग शिक्षकों को व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है।
अधिकारियों का कहना है कि भवन निर्माण के लिए धन की कमी और प्रशासनिक अनिच्छा इस स्थिति का मुख्य कारण है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही नए भवन निर्माण की योजना बनाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बच्चों के अभिभावकों ने भी सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनके बच्चों को उचित शिक्षा मिल सके।
