कर्नाटक में राजनीतिक बदलाव: डीके शिवकुमार को मिली मुख्यमंत्री पद की कमान, सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा

मुख्य बातें
- •कर्नाटक में सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, डीके शिवकुमार होंगे नया सीएम
- •के चुनावों के बाद तय हुआ था सत्ता साझा करने का समझौता: पहले सिद्धारमैया, फिर शिवकुमार
- •शिवकुमार ने तीन साल तक संयम बरता, संगठन मजबूत किया और पार्टी लाइन का पालन किया
- •सिद्धारमैया के प्रति सम्मान व्यक्त कर शिवकुमार ने सत्ता परिवर्तन को सहज बनाया
- •कांग्रेस ने कर्नाटक में पुरानी गलतियां नहीं दोहराईं, जबकि अन्य राज्यों में नेताओं के मतभेदों से हुई थी हार
कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद डीके शिवकुमार को राज्य की सत्ता की कमान सौंपी जाएगी। यह बदलाव तीन साल पहले ही तय किया गया था, जब 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने राज्य में जीत दर्ज की थी। उस समय सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि डीके शिवकुमार को उनका डिप्टी नियुक्त किया गया था। पार्टी ने एक समझौते के तहत यह तय किया था कि पहले ढाई साल सिद्धारमैया मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद शिवकुमार यह पद संभालेंगे।
हालांकि, इस समझौते को सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया गया, लेकिन दोनों नेताओं ने पार्टी लाइन का पालन करते हुए अपने-अपने कार्यकाल में अपनी भूमिका निभाई। सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहे, जबकि शिवकुमार ने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान शिवकुमार के समर्थकों ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाई, लेकिन शिवकुमार ने हर बार यही संकेत दिया कि अंतिम फैसला दिल्ली से होगा। उन्होंने टकराव की राजनीति से दूर रहते हुए पार्टी की एकता को बनाए रखने पर जोर दिया।






