द्वारका के 2000 फ्लैटों में सात दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति, दिल्ली जल बोर्ड की ओर से नहीं मिल रहा समाधान
मुख्य बातें
- •द्वारका के एक आवासीय परिसर में सात दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
- •लगभग 2000 फ्लैट प्रभावित, निवासी बोतलबंद पानी पर निर्भर।
- •रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने दिल्ली जल बोर्ड को कई बार किया शिकायती, परंतु अब तक कोई समाधान नहीं।
- •दिल्ली जल बोर्ड ने मामले की जांच का दावा किया, पर निवासी असंतुष्ट।
नई दिल्ली स्थित द्वारका के एक बड़े आवासीय परिसर में पिछले सात दिनों से निवासियों को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। लगभग 2000 फ्लैट प्रभावित हुए हैं, जिनमें रहने वाले लोगों को पीने और दैनिक कार्यों के लिए असुरक्षित पानी मिल रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी में बदबू और रंग बदलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्थानीय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को इस मामले में कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “पानी में गंदगी और रसायनों की मौजूदगी को लेकर हमने अधिकारियों को सूचित किया है, परंतु अभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है।” शर्मा ने आगे बताया कि प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग बोतलबंद पानी पर निर्भर हो गए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उन्हें द्वारका क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें मिल रही हैं, और वे इसकी जांच कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं और जल्द ही समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।” हालांकि, निवासियों का आरोप है कि बोर्ड की ओर से कोई त्वरित कदम नहीं उठाया जा रहा है।
