गर्मी में दिल्ली का पानी संकट: यमुना जलस्तर गिरने से 25% तक घट गई आपूर्ति

मुख्य बातें
- •यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट के कारण दिल्ली जल बोर्ड के तीन प्रमुख जल उपचार संयंत्रों से पानी की आपूर्ति में 10 से 25 प्रतिशत तक की कमी आई है।
- •सामान्य दिनों की तुलना में जल बोर्ड अब रोजाना लगभग 70 से 75 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी कम आपूर्ति कर रहा है।
- •दिल्ली की कुल पानी की आवश्यकता 1250 एमजीडी है, लेकिन शनिवार और रविवार को आपूर्ति घटकर केवल 928 एमजीडी रह गई।
- •पानी संकट को लेकर राजनीति गरमाई हुई है, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाए हैं।
राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के चलते पानी की किल्लत विकराल रूप ले चुकी है। यमुना नदी के जलस्तर में भारी गिरावट आने से दिल्ली जल बोर्ड के तीन प्रमुख जल उपचार संयंत्रों—वजीराबाद, चंद्रावल और हैदरपुर—से पानी की आपूर्ति में 10 से 25 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। सामान्य दिनों की तुलना में जल बोर्ड अब रोजाना लगभग 70 से 75 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी कम आपूर्ति कर पा रहा है। इस कमी के कारण शहर के अनेक क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, वजीराबाद जलाशय का सामान्य जलस्तर 674.50 फीट होना चाहिए, लेकिन यमुना नदी में पानी की कमी के कारण यह स्तर छह फीट गिरकर 668.5 फीट तक पहुंच गया है। इसके परिणामस्वरूप 138 एमजीडी क्षमता वाले वजीराबाद प्लांट से 15 प्रतिशत, 100 एमजीडी क्षमता वाले चंद्रावल प्लांट से 10 प्रतिशत और 242 एमजीडी क्षमता वाले हैदरपुर प्लांट से लगभग 15 प्रतिशत पानी की आपूर्ति में कमी आई है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी, मध्य, पश्चिमी, दक्षिणी, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली तथा एनडीएमसी के कई वीआईपी इलाकों में पानी की सप्लाई सर्वाधिक प्रभावित हुई है।
