नौतपा में काले कपड़े पहनने से लू लगने का वायरल दावा कितना सच? जानिए साइंस और विशेषज्ञों की राय

मुख्य बातें
- •नौतपा (25 मई से 2 जून) के दौरान सोशल मीडिया पर काले कपड़े पहनने से लू लगने का वायरल दावा फैला।
- •विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे रंग के कपड़े गर्मी को अवशोषित करते हैं, लेकिन यह जानलेवा नहीं होता।
- •हीट स्ट्रोक का मुख्य कारण लंबे समय तक धूप में रहना, पानी की कमी और शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होना है।
- •कपड़ों के फैब्रिक पर ध्यान देना चाहिए; सूती कपड़े अधिक सुरक्षित होते हैं।
- •गर्मी से बचने के लिए ढीले कपड़े पहनें, पानी पीते रहें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।
उत्तर और मध्य भारत में नौतपा (25 मई से 2 जून) के दौरान भीषण गर्मी पड़ रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इस दौरान काला, गहरा नीला और हरा रंग के कपड़े पहनने से हीट स्ट्रोक (लू) लग सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस दावे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन क्या वाकई कपड़ों के रंग से इतनी बड़ी आपदा आ सकती है? आइए इस वायरल दावे का फैक्ट चेक करें और जानें इसके पीछे का असली विज्ञान।
वायरल वीडियो में कहा गया है कि नौतपा के नौ दिनों तक काले या गहरे रंग के कपड़े पहनने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे लू लग सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि ये रंग सूरज की गर्मी को तेजी से सोख लेते हैं। हालांकि, विज्ञान की दृष्टि से इस दावे का केवल आधा हिस्सा ही सच है। विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे रंग के कपड़े गर्मी को अवशोषित (Absorb) जरूर करते हैं, जबकि हल्के रंग के कपड़े उसे परावर्तित (Reflect) कर देते हैं। इसका मतलब यह है कि गर्मियों में गहरे रंग के कपड़े पहनने पर आपको थोड़ी ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है, लेकिन यह जानलेवा नहीं होती।
