गंगा दशहरा आज: जानिए क्यों मनाया जाता है यह पर्व, क्या है राजा भागीरथ की कथा और क्यों है गंगा का धरती पर अवतरण इतना महत्वपूर्ण

मुख्य बातें
- •गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है, जब मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं।
- •राजा भागीरथ की कठोर तपस्या के बाद मां गंगा धरती पर आईं, भगवान शिव ने उनके वेग को अपनी जटाओं में धारण किया।
- •गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व बताया गया है।
- •राजा सगर के साठ हजार पुत्रों की आत्माओं की मुक्ति के लिए गंगा का धरती पर अवतरण आवश्यक था।
- •इस पर्व के माध्यम से गंगा नदी के प्रति श्रद्धा और इसके संरक्षण की भावना को बढ़ावा मिलता है।
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जिसे गंगा दशहरा के रूप में मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्गलोक से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा नदी में स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस पावन पर्व से जुड़ी कई मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें राजा भागीरथ की कठोर तपस्या और भगवान शिव द्वारा गंगा के वेग को संभालने की कहानी प्रमुख है।
