गंगा दशहरा 2024: जानिए तिथि, पूजा विधि, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

मुख्य बातें
- •गंगा दशहरा 2024 की तिथि 15 जून 2024 है, जिसे ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के रूप में मनाया जाएगा।
- •ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 बजे से सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले) और दोपहर 12:17 से 1:10 बजे के बीच स्नान-दान करना सर्वोत्तम माना गया है।
- •घर पर पूजा करते समय माता गंगा की तस्वीर अथवा कलश स्थापित करें, फूल, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें तथा गंगायै नमः मंत्र का जाप करें।
- •गंगा दशहरा के दिन जल, फल, वस्त्र, अनाज, छाता अथवा भोजन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सनातन धर्म में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 15 जून 2024 को मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर माता गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस अवसर पर गंगा नदी में स्नान करने, दान-पुण्य करने और माता गंगा की आराधना करने से शारीरिक, मानसिक कष्टों के साथ ही जीवन में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन श्रद्धालुओं के मन में विशेष आस्था और उत्साह देखा जाता है।
गंगा दशहरा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सर्वोत्तम माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजे से लेकर सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले तक रहता है। यदि ब्रह्म मुहूर्त में स्नान संभव न हो, तो दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से लेकर 1 बजकर 10 मिनट के बीच स्नान और दान किया जा सकता है। इस समय को भी अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान गंगा स्नान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो लोग गंगा नदी तक नहीं पहुंच पाते, वे घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं, जिससे उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है।
