गाज़ियाबाद: सरकारी नौकरी का सपना अधूरा रह गया, एक महीने तक भी पूरी नहीं हो सकी नियुक्ति
मुख्य बातें
- •गाज़ियाबाद के मोहन नगर निवासी 28 वर्षीय राजेश कुमार को सरकारी क्लर्क पद पर फरवरी 2024 में नियुक्त किया गया था।
- •नियुक्ति के मात्र एक महीने बाद ही विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं, बिना कोई लिखित कारण बताए।
- •राजेश ने बताया कि उन्हें स्थायी कर्मचारी बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था, मगर विभाग ने इस आश्वासन को पूरा नहीं किया।
- •इस मामले पर गाज़ियाबाद सीडीओ कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
गाज़ियाबाद स्थित एक स्थानीय युवक का सरकारी अफसर बनने का सपना अधूरा रह गया है। दरअसल, युवक को सरकारी नौकरी मिली थी, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। यह पूरा मामला गाज़ियाबाद के मोहन नगर क्षेत्र का है, जहां रहने वाले 28 वर्षीय राजेश कुमार (बदला हुआ नाम) को एक सरकारी विभाग में क्लर्क पद पर नियुक्ति मिली थी। हालांकि, नियुक्ति के मात्र एक महीने बाद ही विभाग द्वारा उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें फरवरी 2024 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनके अनुसार, नियुक्ति के समय विभाग की ओर से उन्हें स्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किए जाने का आश्वासन दिया गया था। मगर एक महीने बाद ही विभाग ने उन्हें यह कहते हुए नौकरी से निकाल दिया कि उनकी नियुक्ति अस्थायी आधार पर की गई थी और विभाग को उनकी सेवाओं की तत्काल आवश्यकता नहीं रही। राजेश ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें कोई लिखित कारण या नोटिस भी नहीं दिया। उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे थे और इस नौकरी को लेकर उन्हें काफी उम्मीदें थीं।
