गाज़ियाबाद: नगर निगम ने 9 हजार करोड़ खर्च किए, फिर भी विकास क्यों दिखाई नहीं दे रहा?
मुख्य बातें
- •गाज़ियाबाद नगर निगम ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग 9 हजार करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए हैं।
- •शहरवासी और विपक्षी दलों का आरोप है कि इतने बड़े बजट के बावजूद विकास के ठोस संकेत दिखाई नहीं दे रहे।
- •शहर की प्रमुख सड़कों, सीवरेज प्रणाली और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं।
- •विपक्षी दलों ने नगर निगम पर धन के दुरुपयोग और जवाबदेही से बचने के आरोप लगाए हैं।
- •नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में समय लगता है और परिणाम आने वाले समय में दिखाई देंगे।
गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश — गाज़ियाबाद नगर निगम (जीएमसी) द्वारा पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों पर लगभग 9 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, शहर में विकास के ठोस संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह आरोप शहरवासियों और विपक्षी दलों द्वारा बार-बार उठाया जा रहा है। सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इतने बड़े बजट के बावजूद शहर में सड़कों, सीवरेज प्रणाली, जलापूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर की कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढे बरकरार हैं, जबकि सीवरेज की समस्याओं से नागरिक लगातार परेशान हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी काफी हद तक अव्यवस्थित बनी हुई है। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि विकास कार्यों पर खर्च किए गए धन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि धन का दुरुपयोग हुआ है या फिर विकास कार्य अधूरे रह गए हैं।
