गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव: हथियारों की धमक के बीच राजनीतिक गरमागरम, जानिए पूरा घटनाक्रम

मुख्य बातें
- •गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनाव 7 जून 2026 को होंगे, जिनमें 403 उम्मीदवार हिस्सा लेंगे।
- •चुनाव प्रचार के दौरान हुई हथियारबंदों की हवाई फायरिंग ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है।
- •विधानसभा में 33 सदस्य हैं, जिनमें 24 प्रत्यक्ष निर्वाचित, 6 महिलाओं के लिए आरक्षित और 3 तकनीकी विशेषज्ञों के लिए निर्धारित हैं।
- •मतदाताओं की संख्या 963,000 से अधिक है, जो 24 निर्वाचन क्षेत्रों में फैले हुए हैं।
- •नवंबर 2025 को विधानसभा भंग की गई थी, जिसके बाद कार्यवाहक प्रशासन गठित किया गया था।
गिलगित-बाल्टिस्तान में राजनीतिक गतिरोध और हथियारों के बल पर चुनावी माहौल के बीच विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी गई है। 7 जून 2026 को होने वाले इन चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान हुए एक हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, शनिवार को एक राजनीतिक रैली के दौरान जमियत उलेमा-ए-इस्लाम (जेईयू) के नेता मामा सिकंदर रहमत खान के स्वागत में हथियारबंद व्यक्तियों ने मशीनगन और एके-47 राइफलों से खुलेआम हवाई फायरिंग की। इस घटना ने न केवल चुनावी माहौल को प्रभावित किया है, बल्कि पाकिस्तान में राजनीति में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। जेईयू पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह चुनाव में हथियारबंद समूहों के समर्थन से मैदान में उतरी है, जिसके कारण राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और हिंसा का माहौल बना हुआ है।






