नागपुर में भीषण गर्मी से सात दिनों में 180 लोगों की मौत, सरकार की चिंता बढ़ी
मुख्य बातें
- •नागपुर में पिछले सात दिनों में गर्मी से 180 लोगों की मौत हुई है।
- •गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे लू, निर्जलीकरण, और गर्मी stroke के कारण अधिकतर मौतें हुई हैं।
- •स्थानीय प्रशासन ने पानी की सप्लाई बढ़ाने, ठंडे पानी के स्टॉल लगाने, और अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
- •विपक्षी दलों ने सरकार पर गर्मी से निपटने के लिए समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है।
महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पिछले सात दिनों के दौरान भीषण गर्मी ने जानलेवा रूप ले लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान गर्मी से संबंधित कारणों से 180 लोगों की मौत हुई है। इस स्थिति ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी और लू के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
नागपुर के सिविल सर्जन डॉ. संजय मार्कंडे ने बताया कि गर्मी से संबंधित बीमारियों, जैसे लू लगना, निर्जलीकरण, और गर्मीstroke के कारण अधिकतर मौतें हुई हैं। उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न अस्पतालों में गर्मी से पीड़ित मरीजों की संख्या में 40% तक की वृद्धि हुई है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे इस गर्मी के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे दिन के सबसे गर्म समय (12 बजे से 3 बजे के बीच) में घर से बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
