गर्मियों में लू से बचाव करेगी बंगाल की 'टोक दाल', जानें बनाने की आसान विधि

मुख्य बातें
- •बंगाल की टोक दाल गर्मियों में लू से बचाव के लिए फायदेमंद है।
- •इसमें पीली मूंग दाल, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, जीरा, हल्दी, गुड़ और इमली का प्रयोग किया जाता है।
- •टोक दाल बनाने की विधि सरल है और इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जा सकता है।
- •शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार है।
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने और लू से बचाने के लिए बंगाल की प्रसिद्ध 'टोक दाल' एक बेहतरीन विकल्प है। यह दाल खट्टी-मीठी होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो गर्मियों में शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। आमतौर पर लोग गर्मियों में भारी-भरकम व्यंजनों जैसे दाल-मखनी या कड़ाही पनीर का सेवन करते हैं, जो पाचन तंत्र पर बोझ डाल सकते हैं। ऐसे में टोक दाल एक हल्का और संतुलित विकल्प साबित होती है।
टोक दाल बनाने के लिए मुख्य सामग्री के रूप में पीली मूंग दाल, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, जीरा, हल्दी, और गुड़ का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा, इसमें इमली का पेस्ट भी मिलाया जाता है, जो इसे खट्टा स्वाद प्रदान करता है। दाल को पकाने के बाद इसमें गुड़ मिलाकर इसका मीठा स्वाद बढ़ाया जाता है। यह संयोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देता है।
टोक दाल बनाने की विधि काफी सरल है। सबसे पहले मूंग दाल को धोकर कुकर में पकाया जाता है। इसके बाद टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, जीरा और हल्दी का पेस्ट तैयार किया जाता है। इसमें इमली का पेस्ट मिलाकर दाल में डाल दिया जाता है। अंत में गुड़ मिलाकर इसे अच्छी तरह मिलाया जाता है। तैयार टोक दाल को गर्मागर्म चावल या रोटी के साथ परोसा जा सकता है।
