गर्मियों में हार्ट पेशेंट्स के लिए बढ़ रहा जोखिम, जानिए बचाव के तरीके

मुख्य बातें
- •देश के कई हिस्सों में हीटवेव अलर्ट जारी, गर्मी से हार्ट पेशेंट्स को अधिक खतरा
- •हार्ट को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है शरीर, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट पर पड़ता है प्रभाव
- •पर्याप्त पानी पीना, सुबह-शाम बाहर निकलना, हल्के कपड़े पहनना और नियमित चेकअप है जरूरी
- •सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना और तेज धड़कन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें
- •टीवी9 भारतवर्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए सुझावों से गर्मियों में रखें अपने हार्ट का ध्यान
देश के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में बढ़ता तापमान शरीर पर अत्यधिक दबाव डालता है, खासकर हार्ट पेशेंट्स के लिए यह मौसम काफी जोखिमभरा साबित हो सकता है। तेज गर्मी के कारण शरीर को तापमान नियंत्रित करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। हार्ट संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि गर्मी हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और अन्य हार्ट संबंधी मुद्दों को प्रभावित करती है।
हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार, गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट प्रभावित हो सकते हैं। इससे हार्ट पेशेंट्स में कमजोरी, चक्कर आने और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, पहले से मौजूद हाई बीपी या हार्ट डिजीज की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। ज्यादा देर तक धूप में रहने या अधिक शारीरिक मेहनत करने से हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए, गर्मियों में हार्ट पेशेंट्स को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।






