टेक-टू इंटरएक्टिव के सीईओ स्ट्रॉस ज़ेल्निक बोले, 'गेमिंग में एआई मानव रचनात्मकता का विकल्प नहीं, सिर्फ सहायक'

मुख्य बातें
- •टेक-टू इंटरएक्टिव के सीईओ स्ट्रॉस ज़ेल्निक ने कहा कि AI और मानव रचनात्मकता में से किसी एक को चुनना संभव नहीं है।
- •ज़ेल्निक ने बताया कि AI केवल बड़े डेटा सेट्स और उच्च कंप्यूटिंग शक्ति का उपयोग करने वाला एक उपकरण है, जो भविष्य की बजाय अतीत पर निर्भर रहता है।
- •उन्होंने कहा कि AI गेम्स के लिए एसेट्स बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन हिट गेम्स बनाने के लिए मानव रचनात्मकता अनिवार्य है।
- •ज़ेल्निक ने उदाहरण देते हुए कहा कि क्लोन गेम्स बिकते नहीं हैं और सभी हिट गेम्स अप्रत्याशित होते हैं।
गेमिंग इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों से चल रहा बहस का विषय है कि क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मनुष्यों की जगह ले सकती है? यह सवाल बोर्डरूम से लेकर क्रिएटर्स स्टूडियो तक और गेमिंग ब्रांड्स तक में उठता रहा है। इसी बहस के बीच टेक-टू इंटरएक्टिव के सीईओ स्ट्रॉस ज़ेल्निक ने हाल ही में AI और मानव रचनात्मकता के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा है कि AI और मानव रचनात्मकता में से किसी एक को चुनना संभव नहीं है। ज़ेल्निक ने एक पॉडकास्ट में अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि AI गेम डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन यह मानव रचनात्मकता का विकल्प नहीं बन सकता।
ज़ेल्निक ने डेविड सेनरा के साथ हुए पॉडकास्ट में बताया कि AI और मानव रचनात्मकता की तुलना करना वैसा ही है जैसे मातृत्व और एप्पल पाई की तुलना करना। उन्होंने कहा, “यह पूछना वैसा ही है जैसे आप पूछें कि आप मातृत्व और एप्पल पाई के बारे में क्या महसूस करते हैं? मुझे दोनों पसंद हैं।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि AI की रचनात्मक क्षमताओं पर उन्हें कोई संदेह नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी जोर दिया कि AI केवल बड़े डेटा सेट्स, उच्च कंप्यूटिंग शक्ति और बड़े भाषा मॉडल्स का उपयोग करके तैयार किया गया एक उपकरण है। ज़ेल्निक ने कहा, “AI भविष्य की ओर देखने के बजाय पीछे मुड़कर देखता है। इसका अर्थ है कि AI रचनात्मकता के लिए डेटा पर निर्भर रहता है।”



