गुजरात के द्वारका में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी, द्वारकाधीश की भव्य आरती और विशेष श्रृंगार
मुख्य बातें
- •द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना हुई।
- •भगवान को केसरिया वस्त्रों से सजाया गया और रात 2.30 बजे तक भव्य आरती का आयोजन किया गया।
- •मंदिर परिसर में हजारों भक्तों ने जन्माष्टमी के उत्सव में भाग लिया।
- •द्वारका में जन्माष्टमी पांच दिवसीय उत्सव के रूप में मनाई जा रही है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं।
- •सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल द्वारका में जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर द्वारकाधीश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किए गए। मंदिर में भगवान को केसरिया रंग के पारंपरिक वस्त्रों से सुसज्जित किया गया, जो भगवान श्रीकृष्ण की आराध्य रंग को दर्शाता है। द्वारकाधीश मंदिर के प्रमुख पुजारी ने बताया कि भगवान के बाल रूप की पूजा-अर्चना के साथ-साथ विशेष आरती का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय को लेकर रात 12 बजे तक विशेष अनुष्ठान किए गए। इसके बाद भगवान की भव्य आरती रात 2.30 बजे तक चली, जिसमें हजारों भक्तों ने भाग लिया। मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




