तमिलनाडु: बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले 25 बांग्लादेशियों को दोषी करार, अदालत ने दिया सख्त फैसला
मुख्य बातें
- •तमिलनाडु की विशेष अदालत ने 25 बांग्लादेशियों को बिना वैध दस्तावेजों के रहने के आरोप में दोषी ठहराया।
- •इन व्यक्तियों को भारतीय पासपोर्ट अधिनियम, 1920 और विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत दोषी पाया गया।
- •अदालत ने इन सभी को एक सप्ताह के भीतर देश से निष्कासन और 5,000 रुपये जुर्माना लगाया।
- •मामला रामनाथपुरम जिले से संबंधित है, जहां पुलिस ने पिछले साल इन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।
- •राज्य भर में प्रवासन नियमों के पालन को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
तमिलनाडु की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 25 बांग्लादेशियों को बिना वैध प्रवास दस्तावेजों के रहने के आरोप में दोषी करार दिया। यह मामला राज्य के रामनाथपुरम जिले से संबंधित है, जहां इन व्यक्तियों को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इन सभी 25 व्यक्तियों को भारतीय पासपोर्ट अधिनियम, 1920 और विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत दोषी पाया।
अदालत ने इन व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर देश से निष्कासन का आदेश दिया है। इसके अलावा, प्रत्येक दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि ये सभी व्यक्ति अवैध रूप से तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे। स्थानीय पुलिस और प्रवासन अधिकारियों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब रामनाथपुरम पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इन पर मुकदमा चलाया गया और दोषी पाए जाने पर अदालत ने सख्त फैसला सुनाया।
