ईरान ने अमेरिका के साथ बंद की अप्रत्यक्ष वार्ता, लेबनान में संघर्ष विराम की मांग पर जोर

मुख्य बातें
- •ईरान ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता बंद की, लेबनान में संघर्ष विराम के उल्लंघन के जवाब में।
- •ईरान की प्रमुख मांगें: गाजा और लेबनान में इजराइली सैन्य अभियानों का तुरंत अंत और लेबनान से इजराइल की वापसी।
- •‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने और बाब अल-मन्देब को सक्रिय करने की योजना।
- •ईरान ने स्पष्ट किया कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वार्ता संभव नहीं।
- •मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका, इजराइल और अमेरिका के सामने नई चुनौतियां।
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता को रोकने का फैसला किया है। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, यह कदम लेबनान में चल रहे संघर्ष में इजराइल द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने के जवाब में उठाया गया है। एजेंसी ने बताया कि ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के साथ चल रहे संदेशों और बातचीत के आदान-प्रदान को तुरंत रोक दिया है।
ईरान का मानना है कि गाजा और लेबनान में चल रहे संघर्ष विराम की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए यह एक आवश्यक शर्त है। तस्नीम के अनुसार, जब तक गाजा पट्टी और लेबनान में उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक ईरानी वार्ताकार मध्यस्थों के माध्यम से किसी भी प्रकार की बातचीत या संदेशों का आदान-प्रदान बंद रखेंगे। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांगों में गाजा और लेबनान में चल रहे इजराइली सैन्य अभियानों को तुरंत रोका जाना और लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से इजराइल की पूर्ण वापसी शामिल हैं।






