कानपुर: आईटीबीपी जवान की मां के हाथ काटने के मामले में दोनों अस्पताल दोषी, पुलिस करेगी एफआईआर

मुख्य बातें
- •कानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां के हाथ काटे जाने के मामले में दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है।
- •स्वास्थ्य विभाग की दोबारा जांच में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आई है।
- •पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
- •आईटीबीपी कमांडेंट गौरव ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर मामले की दोबारा जांच कराने के आदेश प्राप्त किए थे।
- •विकास सिंह तीन दिन तक अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाते रहे थे।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आईटीबीपी के एक जवान की मां के साथ हुए चिकित्सा लापरवाही के मामले में नया मोड़ आया है। स्वास्थ्य विभाग की दोबारा जांच में दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है। अब कानपुर पुलिस दोनों अस्पतालों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की तैयारी कर रही है। यह मामला तब सामने आया जब आईटीबीपी के जवान विकास सिंह ने अपनी मां के हाथ काटे जाने की घटना को लेकर न्याय की गुहार लगाई थी।
मामले की शुरुआत कानपुर के महाराजपुर स्थित आईटीबीपी के कमांड ऑफिस में तैनात सिपाही विकास सिंह की मां से जुड़ी हुई है। उनकी मां को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें कृष्णा अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल की लापरवाही के कारण विकास सिंह अपनी मां को वहां से लेकर निकले तो उनकी मां के हाथ में संक्रमण हो गया। इसके बाद उन्हें पारस हॉस्पिटल बिठूर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए उनका दाहिना हाथ काटने का फैसला किया। इस घटना के बाद विकास सिंह तीन दिन तक अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर इंसाफ की गुहार लगाते रहे। उन्होंने रेल बाजार थाने से लेकर कई अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं से भी उन्हें न्याय नहीं मिला।






