ठाणे ट्रेन दुर्घटना: पहली बार रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मुंबई में लापरवाही की एफआईआर दर्ज
मुख्य बातें
- •पहली बार रेलवे इंजीनियरों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
- •दुर्घटना के दौरान ट्रैक मरम्मत कार्य चल रहा था, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
- •आईपीसी की धारा 304 और 336 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- •रेलवे विभाग ने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है और उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
- •यह मामला रेलवे सुरक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
मुंबई, [तारीख] – इतिहास में पहली बार, ठाणे के पास हुई एक ट्रेन दुर्घटना के संबंध में रेलवे विभाग के दो वरिष्ठ इंजीनियरों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया है। यह कदम रेलवे सुरक्षा के प्रति सरकार की सख्ती को दर्शाता है। ठाणे के निकट हुई इस दुर्घटना में कई यात्रियों को चोटें आई थीं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के समय ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का कार्य चल रहा था। आरोप है कि इंजीनियरों ने उचित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया, जिसके कारण ट्रेन पटरी से उतर गई। इस संबंध में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 336 (लापरवाही से जान जोखिम में डालना) के तहत मामला दर्ज किया है।
रेलवे विभाग के दो इंजीनियर, जिनके नाम गोपनीय रखे गए हैं, पर आरोप है कि उन्होंने ट्रैक पर लगे संकेतकों और बाधाओं को हटाने के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रैक पर मरम्मत कार्य चल रहा था, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक चेतावनी संकेत और रोशनी व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे ट्रेन चालक को सही समय पर ब्रेक लगाने में देरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटना हुई।
