अपराधी की जाति नहीं, अपराध देखो: एनकाउंटर पर उठे सवाल, अखिलेश का रुख क्या रहा?
मुख्य बातें
- •समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एनकाउंटर्स पर उठाए सवाल, कहा पुलिस को अपराधी की जाति नहीं, अपराध देखना चाहिए।
- •अखिलेश यादव ने कहा कि कानून का राज होना चाहिए और पुलिस को बिना किसी पूर्वाग्रह के काम करना चाहिए।
- •राज्य सरकार का कहना है कि पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है और एनकाउंटर्स अपराधियों को सबक सिखाने के लिए जरूरी हैं।
- •पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे कानून के अनुसार ही कार्रवाई कर रहे हैं और जाति उनके निर्णय का आधार नहीं है।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। इस बार विवाद का केंद्र है 'जाति आधारित पुलिस कार्रवाई' बनाम 'अपराध आधारित पुलिस कार्रवाई'। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हुई है कि क्या पुलिस को अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई करनी चाहिए या सिर्फ अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखना चाहिए। इस पूरे मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे मुठभेड़ (एनकाउंटर) ऑपरेशन्स पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पुलिस को अपराधी की जाति नहीं, बल्कि अपराध को देखना चाहिए।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में आगे कहा कि कानून का राज होना चाहिए और पुलिस को बिना किसी पूर्वाग्रह के काम करना चाहिए। उनका कहना है कि अगर पुलिस जाति के आधार पर कार्रवाई कर रही है तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एनकाउंटर्स के नाम पर हत्या करने का अधिकार पुलिस को नहीं दिया जा सकता। इस बयान के बाद से ही पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल मच गई है। सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस चल रही है।




