राजस्थान के धौलपुर में श्रीमद्भागवत कथा पर विवाद, आचार्य की पत्नी ने आत्महत्या की दी चेतावनी

मुख्य बातें
- •आचार्य त्रिवेणी दास की पत्नी ने आत्महत्या की चेतावनी दी है।
- •पुलिस ने आचार्य पत्नी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है।
- •आयोजकों के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
- •आचार्य त्रिवेणी दास और उनकी पत्नी सीमा का करीब 12 साल से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।
- •पुलिस ने अन्य आचार्य से कथा कराने का सुझाव दिया है।
राजस्थान के धौलपुर जिले के कौलारी थाना क्षेत्र के गेदूपुरा गांव में श्रीमद्भागवत कथा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कथा वक्ता त्रिवेणी दास की पत्नी ने धौलपुर पुलिस अधीक्षक को एक परिवाद पेश किया है, जिसमें आचार्य द्वारा कथा किए जाने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है। यह मामला तब सामने आया जब कथावाचक त्रिवेणी दास महाराज और उनकी पत्नी सीमा का करीब 12 साल से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। कथावाचक त्रिवेणी दास की पत्नी सीमा के रिश्ते में लगने वाली जेठानी के मायके पक्ष के परिजन, भाई दिनेश कुशवाहा और भाभी शारदा देवी करीब 3 महीने पूर्व श्रीमद्भागवत कथा कराने का श्रीफल देकर आए थे। 25 मई को आचार्य की पत्नी की जेठानी के मायके में श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत होनी है। जेठानी के परिजनों से नजदीकियां होते देख आचार्य की पत्नी सीमा ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश किया है। मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल मेढू राम ने बताया कि आचार्य पत्नी सीमा की शिकायत पर कथा परीक्षित दिनेश कुशवाहा और ग्रामीणों को आचार्य त्रिवेणी दास से कथा नहीं कराने के लिए पाबंद कर दिया है। साथ ही अन्य किसी शास्त्री से कथा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करने के लिए सुझाव दिया है। आचार्य त्रिवेणी दास महाराज की पत्नी सीमा ने आत्महत्या की चेतावनी दी है। इस मामले से पुलिस एक्शन में आ गई है। कथा परीक्षित दिनेश कुशवाहा समेत तमाम ग्रामीणों को पुलिस थाने पर बुलाकर श्रीमद्भागवत कथा नहीं कराने के लिए पाबंद किया है। वहीं पुलिस ने अन्य आचार्य से कथा कराने का सुझाव दिया है। आयोजकों के सामने धर्म संकट इस पूरे घटनाक्रम से कथा करा रहे परीक्षित दिनेश कुशवाहा, उनकी पत्नी शारदा देवी समेत ग्रामीणों के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा हो गई है। परिवार में धार्मिक अनुष्ठान को लेकर 3 महीने से तैयारी चल रही थी। परीक्षित के घर पर रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया। भागवत कथा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं। लेकिन आचार्य की पत्नी की चेतावनी से सारी व्यवस्थाएं चौपट होती दिख रही हैं। स्थानीय ग्रामीण महावीर सिंह ने बताया कि 25 मई से भागवत कथा की शुरुआत होनी है। कथा आयोजक दिनेश कुशवाहा ने सभी व्यवस्थाएं तैयार कर ली हैं, लेकिन आचार्य पत्नी के विरोध से धार्मिक अनुष्ठान में विघ्न पड़ रहा है। ऐन वक्त पर कथा संपन्न कराने के लिए दूसरा आचार्य मिलना भी मुश्किल हो रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने आचार्य पत्नी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है। लेकिन अब आयोजकों के सामने बड़ा सवाल यह है कि वे अपने धार्मिक अनुष्ठान को कैसे पूरा करेंगे। क्या वे आचार्य त्रिवेणी दास से कथा कराने के लिए मजबूर होंगे या फिर अन्य आचार्य से कथा कराने का फैसला करेंगे। यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल तो आयोजकों के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
