जम्मू-कश्मीर में NIA ने बड़े पैमाने पर छापेमारी: जमात-ए-इस्लामी से जुड़े ठिकानों सहित कई स्थानों पर तलाशी

मुख्य बातें
- •NIA ने 25 मई को जम्मू-कश्मीर के शोपियां और श्रीनगर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें दारुल उलूम सिराजुल उलूम और जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख के घर शामिल थे।
- •यह कार्रवाई आतंकवाद-फंडिंग, ओवरग्राउंड वर्करों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
- •जमात-ए-इस्लामी को फरवरी 2024 में गैर-कानूनी संगठन घोषित किया गया था और इसे पांच साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
- •मार्च 2025 से अप्रैल 2026 के बीच NIA ने जम्मू-कश्मीर में पांच बड़े छापेमारी अभियान चलाए, जिनमें टेरर फंडिंग, आतंकी नेटवर्क और कट्टरपंथी गतिविधियों पर निशाना साधा गया।
जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार, 25 मई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान एजेंसी ने शोपियां जिले के दो स्थानों और श्रीनगर के एक स्थान पर तलाशी ली। इन स्थानों में शोपियां के इमाम साहिब इलाके में स्थित दारुल उलूम सिराजुल उलूम नामक शिक्षण संस्थान भी शामिल था, जिसे हाल ही में सरकार द्वारा अवैध संगठन घोषित किया गया था। एनआईए की टीमों ने तड़के इस संस्थान में प्रवेश किया और तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह संस्थान सैकड़ों छात्रों को धार्मिक और औपचारिक शिक्षा प्रदान करता है।
इसके अलावा, शोपियां में जमात-ए-इस्लामी (JeI) के पूर्व प्रमुख शहज़ादा औरंगज़ेब के आवास पर भी तलाशी ली गई। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क, ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) और संदिग्ध आतंकवाद-फंडिंग गतिविधियों को लक्षित करने के उद्देश्य से की गई है। श्रीनगर और घाटी के दक्षिणी हिस्सों सहित कई अन्य इलाकों में भी तलाशी अभियान जारी रहा। एनआईए की टीमों को जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।
