मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम: सात क्षेत्रों में बस सेवा का नया मॉडल

मुख्य बातें
- •मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए सात क्षेत्रों में बस सेवाओं का नया मॉडल तैयार किया है।
- •इंदौर क्षेत्र से सबसे पहले पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शुरू होगी, जिसमें 150 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
- •राज्य के सभी सात क्षेत्रों में कुल 1,164 मार्गों पर 5,206 बसों के संचालन का प्रस्ताव रखा गया है, जो मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत होगा।
- •राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और सात क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 1,190 पद सृजित किए जाएंगे, जिन्हें चार वर्षों में भरा जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अवसंरचना लिमिटेड (एमपीपीटीआईएल) के संचालक मंडल की बैठक हुई। इस बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राज्य के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव के अनुसार, मध्य प्रदेश को सात क्षेत्रों—इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा—में विभाजित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रीय कंपनियों का गठन किया जाएगा। इन कंपनियों के माध्यम से शहरों और उपनगरीय क्षेत्रों में बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा। सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से इस सेवा की शुरुआत की जाएगी। यहां पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जुलाई माह से शुरू किया जाएगा।






