आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष ने एआई के बारे में क्या कहा? जानें उनकी बातों का महत्व

मुख्य बातें
- •आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने एआई को इंसानों के लिए वरदान बताया।
- •नंदा ने कहा कि एआई का उपयोग हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
- •उन्होंने एआई के खतरों पर भी बात की और कहा कि इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
- •नंदा ने कहा कि हमें अपने जीवन में संतुलन बनाना होगा और एआई का उपयोग हमारे लिए फायदेमंद होना चाहिए।
एनडीटीवी लर्नएनएक्सटी में आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने एआई और इसके खतरों पर एक महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई इंसानों के लिए एक वरदान है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण भी दिया। नंदा ने कहा कि "जवानी में बचाया गया पसीना बुढ़ापे में आंसुओं के जरिए निकलता है"। यह उदाहरण उन्होंने एआई के संदर्भ में दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी जवानी में मेहनत करेंगे और एआई का सही तरीके से उपयोग करेंगे, तो हमारे बुढ़ापे में इसके परिणाम सुखद होंगे।
नंदा ने एआई के खतरों पर भी बात की और कहा कि इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि इसका दुरुपयोग करके हमारे जीवन को मुश्किल बनाने के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि एआई के साथ ही हमें अपने जीवन में संतुलन बनाना होगा और इसका उपयोग हमारे लिए फायदेमंद होना चाहिए।
