अफ्रीका में इबोला का खतरनाक प्रकोप: 900 से ज्यादा मामले, वैक्सीन के अभाव में चुनौतीपूर्ण स्थिति

मुख्य बातें
- •अफ्रीका में इबोला का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, 900 से अधिक संदिग्ध मामले और 223 मौतों की आशंका
- •कांगो में सबसे अधिक प्रभावित, 112 संक्रमित और 11 मौतें, युगांडा में भी स्थिति गंभीर
- •बुंडीबुग्यो स्ट्रेन दुर्लभ और घातक, मृत्यु दर 30% से 50% तक
- •कांगो के इटुरी प्रांत से शुरू हुआ संक्रमण, स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले और विद्रोही संगठनों के कारण स्थिति जटिल
- •भारत सरकार ने प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों पर स्क्रीनिंग और क्वारंटीन नियम लागू किए
- •WHO ने इबोला को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, अफ्रीका सीडीसी ने नौ देशों को उच्च जोखिम में रखा
- •इबोला संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है
अफ्रीका महाद्वीप में एक बार फिर इबोला वायरस का खतरनाक प्रकोप देखने को मिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 223 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है। सबसे अधिक प्रभावित देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां 112 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है और 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश युगांडा में भी स्थिति गंभीर है, जहां आठ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है और एक व्यक्ति की मौत हुई है। WHO के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बताया कि स्वास्थ्य एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं, लेकिन वायरस के तेज़ फैलाव के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।






