दिल्ली कोर्ट ने अलका लांबा को 4 अपराधों में दोषी ठहराया, 5 जून को सजा की सुनवाई

मुख्य बातें
- •दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने अलका लांबा को 4 अपराधों में दोषी ठहराया है।
- •जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी पर हमले का आरोप है।
- •जून को सजा की सुनवाई होगी।
- •अलका लांबा पर 19 दिसंबर, 2025 को अपराधों का आरोप लगाया गया था।
- •कोर्ट ने मामले में बरी करने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी थी।
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में एक बड़ी खबर आई है। कांग्रेस नेता अलका लांबा को 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले संसद में महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के लिए दोषी ठहराया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने अलका लांबा को भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में दोषी करार दिया है। धारा 132 (किसी सरकारी कर्मचारी को उसके सरकारी काम करने से रोकने के लिए हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल), 221 (किसी सरकारी कर्मचारी के काम में जानबूझकर रुकावट डालना), 223a (सरकारी कर्मचारी के कानूनी आदेशों को न मानना) और 285 (किसी दूसरे व्यक्ति को पब्लिक रास्ते में खतरा पहुंचाना, रुकावट डालना या चोट पहुंचाना) के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है।






