कानपुर: किडनी प्रत्यारोपण में धोखाधड़ी मामले में ओटी सहायक और पुरुष स्टाफ नर्स गिरफ्तार
मुख्य बातें
- •कानपुर के एक निजी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण धोखाधड़ी मामले में ओटी सहायक और पुरुष स्टाफ नर्स गिरफ्तार।
- •गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप।
- •पुलिस ने दोनों व्यक्तियों द्वारा संलिप्तता स्वीकार करने की बात कही, और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी।
- •अस्पताल प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जबकि पुलिस ने मामले की गहन जांच की बात कही।
कानपुर, उत्तर प्रदेश – कानपुर पुलिस ने एक किडनी प्रत्यारोपण से जुड़े धोखाधड़ी मामले में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सहायक और एक पुरुष स्टाफ नर्स को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना कानपुर के एक निजी अस्पताल में हुई, जहां कथित रूप से मरीजों को धोखा देकर उनके अंगों की तस्करी और गैरकानूनी प्रत्यारोपण किए जाने के आरोप लग रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया था कि कुछ मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए सही अंग नहीं मिले थे, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जल्द ही ओटी सहायक राजेश कुमार (32 वर्ष) और पुरुष स्टाफ नर्स अंकित गुप्ता (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर किडनी की तस्करी और अवैध प्रत्यारोपण में मदद की।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है और पुलिस के सामने दिए गए बयान में उन्होंने बताया है कि वे अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर मरीजों को धोखा देते थे। पुलिस अब अस्पताल के अन्य कर्मचारियों और बाहरी संदिग्धों की तलाश में है, जो इस घोटाले में शामिल हो सकते हैं।
