कानपुर: छात्रों को फंसाकर बैंक खाते चलाने वाले साइबर ठग गिरोह का सरगना फरार
मुख्य बातें
- •कानपुर में साइबर अपराधियों के गिरोह ने छात्रों को लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग किया।
- •गिरोह के सरगना सहित 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
- •लगभग 50 लाख रुपये की ठगी की गई, पुलिस द्वारा चलाया जा रहा सरगना को पकड़ने का अभियान।
- •पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर अपराधियों का एक बड़ा गिरोह सामने आया है, जिसने स्थानीय छात्रों को लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्य छात्रों को ऑनलाइन नौकरी या लोन के झूठे प्रस्ताव देकर उनके खातों तक पहुंच बना लेते थे। इस पूरे मामले में गिरोह के सरगना सहित आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
कानपुर के एसएसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर छात्रों से संपर्क करते थे और उन्हें त्वरित धन कमाने या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के झूठे प्रस्ताव देते थे। एक बार जब छात्र उनके जाल में फंस जाते थे, तो उनके बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता था। पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की ठगी की गई है, जिसके सबूत मिल चुके हैं।
अपराधियों ने कानपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए छात्रों को निशाना बनाया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की है, जिसमें बताया गया कि सरगना ने फरार होने से पहले ही धन निकासी कर ली थी। पुलिस अब सरगना को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कानपुर पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों से मिले सबूतों के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
