तुर्की: विपक्षी दल मुख्यालय पर पुलिस कार्रवाई, आंसू गैस व नेताओं को बलपूर्वक हटाने का आरोप

मुख्य बातें
- •तुर्की की राजधानी अंकारा में विपक्षी दल के मुख्यालय पर पुलिस ने दंगा नियंत्रण के नाम पर आंसू गैस छोड़ी और नेताओं को बलपूर्वक हटाया।
- •मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस कार्रवाई को कानून और लोकतंत्र विरोधी बताया तथा राष्ट्रपति एर्दोगन पर आरोप लगाए।
- •सरकार का दावा है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई थी, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है।
- •देश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका के बीच मानवाधिकार संगठनों ने स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है।
तुर्की की राजधानी अंकारा में विपक्षी राजनीतिक दल के मुख्यालय पर पुलिस ने गुरुवार को विवादास्पद तरीके से कार्रवाई की। पुलिस ने दंगा नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया और दल के नेताओं को बलपूर्वक बाहर निकाला। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय पर धावा बोला और वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लिया।
इस घटना पर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि अदालत के आदेश को कानून और लोकतंत्र के खिलाफ बताया गया है। संगठन ने राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। एर्दोगन सरकार पर विपक्षी दलों को दबाने के प्रयासों का आरोप पहले भी लगता रहा है।






